Read latest updates about "Diarrhoea/दस्त" - Page 1

  • कड़ी पत्ता : स्वाद के साथ हर बीमारी का भी निदान

    कड़ी पत्ता : स्वाद के साथ हर बीमारी का भी निदान

    कड़ी पत्ते का उपयोग खास तौर से दक्षिण भारतीय व्यंजनों में किया जाता है, लेकिन मध्यक्षेत्र और महाराष्ट्र में इसका प्रयोग खूब किया जाता है। और हां, कड़ी का स्वाद तो इस कड़ी पत्ते के बिना अधूरा ही लगता है, तभी तो इसे कड़ी पत्ता कहते हैं। – करी पत्ता...

    2018-10-24 05:29:13.0
  • मक्खन से होने वाले आयुर्वेदिक इलाज

    मक्खन से होने वाले आयुर्वेदिक इलाज

    मक्खन के सेवन से वीर्य की अधिक वृद्धि होती है एवं पित्त और वायु के दोष दूर होते हैं। इसके सेवन से पाचनशक्ति बढ़ती है। मक्खन पचने में हल्का है और यह तुरन्त खून (रक्त) बनाता है, मक्खन बवासीर तथा खांसी के रोगों में लाभकारी है। गाय के दूध का मक्खन सबसे...

    2018-10-10 10:25:29.0
  • अंजीर बनाता है पाचनतंत्र को मजबूत

    अंजीर बनाता है पाचनतंत्र को मजबूत

    अंजीर पहाड़ों पर खूब पैदा होता है। उष्ण प्रदेशों में भी यह कहीं पाया जाता है। इसमें वर्ष में दो बार फल आते है जून-जुलाई तथा इसके बाद जनवरी मास में। अंजीर के पके हुए फल को शीतल, मधुर, तृष्तिदायक, क्षय, वात, पित्त एवं कफ को नष्ट करने वाला माना जाता...

    2018-10-09 06:09:03.0
  • दालचीनी के लाभकारी गुण

    दालचीनी के लाभकारी गुण

    मुख्यतः दालचीनी की छाल और तेल का उपयोग किया जाता है, वह भी बहुत सीमित मात्र में। इसका तेल अम्लीय तत्वयुक्त होने से कीट-कृमि का नाश करने में उपयोगी सिद्ध होता है। इसका उपयोग गर्भवती के लिए वर्जित किया गया है और चूंकि अधिक मात्रा में दालचीनी का सेवन...

    2018-09-27 07:57:32.0
  • शरीफा के स्वास्थ्य लाभ और औषधीय गुण

    शरीफा के स्वास्थ्य लाभ और औषधीय गुण

    शरीफा के स्वास्थ्य लाभ शरीफा कई पोषक तत्वों और स्वस्थ जीवन के लिए फायदेमंद खनिज से भरा परा है। इस मीठे फल में स्वास्थ्य लाभ के विभिन्न पोषक तत्व पाये जाते हैं। विटामिन सी : शरीफा में एंटीऑक्सीडेंट विटामिन सी पाया जाता है जो फ्री रेडिकल्स के...

    2018-09-26 07:40:46.0
  • हैजा के लक्षण, कारण और उपचार

    हैजा के लक्षण, कारण और उपचार

    हैजा आंतों में इंफैक्शन होने वाली गंभीर बिमारी है। यह विब्रिओ काम्लेरी नामक बैक्टीरिया से फैलता है। आमतौर पर इस बीमारी की शुरुआत उल्टी या दस्त से होती है, लेकिन सही समय पर अगर इसका इलाज नहीं किया जाए तो जानलेवा भी हो सकता है।अक्सर लोग शुरुआत में...

    2018-09-20 06:23:48.0
  • मेहंदी के चिकित्‍सीय उपयोग

    मेहंदी के चिकित्‍सीय उपयोग

    मेहंदी एक ऐसा कुदरती पौधा है, जिसके पत्‍तों, फूलों, बीजों एवं छालों में औषधीय गुण समाए होते हैं। त्‍योहारों और उत्‍सवों के पहले दिन सुहागिन स्‍त्रियों के लिये हथेलियों पर मेहंदी का श्रृंगार, सुंदरता एवं सौम्‍यता का प्रतीक माना जाता है। प्राचीन काल...

    2018-09-17 07:35:11.0
  • काली मिर्च के घरेलू नुस्खे

    काली मिर्च के घरेलू नुस्खे

    - बुखार में तुलसी, काली मिर्च और गिलोय का काढ़ा पीना फायदेमंद है।- काली मिर्च और काला नमक दही में मिलाकर खाने से पाचन संबंधी विकार दूर होते हैं। छाछ में काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर पीने से पेट के कीटाणु मरते हैं और पेट की बीमारियां दूर होती हैं। -...

    2018-09-06 09:29:17.0
  • गंभीर रोगों में रामबाण है कलौंजी

    गंभीर रोगों में रामबाण है कलौंजी

    नेत्र रोग और कमजोर नजर : रोज सोने से पहले पलकों ओर आंखों के आस-पास कलौंजी का तेल लगायें और एक बड़ी चम्मच तेल को एक कप गाजर के रस के साथ एक महीने तक लें। दस्त : एक बड़ी चम्मच कलौंजी के तेल को एक चम्मच दही के साथ दिन में तीन बार लें दस्त...

    2018-09-01 11:44:57.0
  • अनेक बीमारियों में कारगर है तुलसी

    अनेक बीमारियों में कारगर है तुलसी

    ज्यादातर हिंदू परिवारों में तुलसी की पूजा की जाती है। इसे सुख और कल्याण के तौर पर देखा जाता है लेकिन पौराणिक महत्व से अलग तुलसी एक जानी-मानी औषधि भी है, जिसका इस्तेमाल कई बीमारियों में किया जाता है। सर्दी-खांसी से लेकर कई बड़ी और भयंकर बीमारियों में...

    2018-08-27 09:19:11.0
  • आयुर्वेद के अनुरूप मसालों का प्रयोग

    आयुर्वेद के अनुरूप मसालों का प्रयोग

    आयुर्वेद शास्त्र के अनुसार इस संसार में कोई भी ऐसी वस्तु नहीं है जिसका प्रयोग स्वास्थ्य को स्वस्थ रखने में नहीं किया जा सकता। वनस्पति जगत, प्राणी जगत और खनिज से प्राप्त होने वाले द्रव्यों का शरीर पर होने वाले गुण-दोषों का अध्ययन करके विभिन्न प्रकार...

    2018-08-17 10:10:59.0
  • पाना है रोगों से छुटकारा तो रोज शंख बजाना

    पाना है रोगों से छुटकारा तो रोज शंख बजाना

    शंख का महत्व धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, वैज्ञानिक रूप से भी है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके प्रभाव से सूर्य की हानिकारक किरणें बाधक होती हैं। इसलिए सुबह और शाम शंखध्वनिकरने का विधान सार्थक है। सनातन धर्म की कई ऐसी बातें हैं, जो न केवल आध्यात्मिक...

    2018-08-11 06:27:39.0
Share it
Top
To Top