Read latest updates about "Diarrhoea/दस्त" - Page 1

  • करी पत्ता के फायदे

    करी पत्ता के फायदे

    करी पत्ता को कढ़ी पत्ता या मीठी नीम भी कहा जाता है। इसे मीठी नीम इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनके पत्ते नीम की तुलना में थोड़े कम कड़वे, कषैले होते हैं। करी पत्ता के पेड़ पूरे भारत वर्ष में पाए जाते हैं। करी पत्ता का सर्वाधिक उपयोग विभिन्न भोज्य पदार्थों...

    2018-07-13 06:30:26.0
  • बीमारियों के ईलाज की दवा : सिंघाड़ा

    बीमारियों के ईलाज की दवा : सिंघाड़ा

    विशेष रूप में सहायक है। सिंघाड़ा पूरे भारत देश में पैदा होता है। इसकी बेल पानी के भीतर पैदा होती है और फैलती है। सिंघाड़े को उबालकर खाया जाता है लेकिन इसको कच्चा खाना विशेष लाभकारी है।आज मनुष्य आधुनिक की अंधी दौड़ में अपने शारीरिक स्वास्थ्य की ओर...

    2018-06-26 07:38:35.0
  • उत्तम रोग निवारक है करौंदा

    उत्तम रोग निवारक है करौंदा

    कच्चा करौंदा खट्टा और भारी होता है। प्यास को शान्त करने में अति उत्तम है। रक्त पित्त को हरता है, गरम तथा रूचिकारी होता है।- फलों के चूर्ण के सेवन से पेट दर्द में आराम मिलता है। करोंदा भूख को बढ़ाता है, पित्त को शांत करता है, प्यास रोकता है और दस्त...

    2018-06-12 07:01:30.0
  • गुलकन्द से अनेक स्वास्थ्य लाभ

    गुलकन्द से अनेक स्वास्थ्य लाभ

    - गुलाब को यों ही फूलों का फूल नहीं कहा जाता। दिखने में यह फूल बेहद खूबसूरत है और इसकी हर पंखुड़ी में समाए हैं अनगिनत गुण। त्वचा को सुंदर बनाने से लेकर शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने में गुलाब कितने काम आता है।- सुबह-सवेरे अगर खाली पेट गुलाबी गुलाब की...

    2018-06-11 07:08:48.0
  • जड़ी-बूटी का खजाना बरगद

    जड़ी-बूटी का खजाना बरगद

    बरगद के पेड़ का औषधीय और धार्मिक दोनों ही महत्व हैं। बरगद के पेड़ के कभी भी नष्ट न होने के कारण इसे अक्षय वट भी कहा जाता है। यह भारत का राष्ट्रीय वृक्ष है। इसे तमाम औषधियों में उपयोग किया जाता है। इसके अलावा इसके पत्तों से निकलने वाले दूध को भी...

    2018-06-11 06:51:15.0
  • ईसबगोल है चमत्कारिक औषधि

    ईसबगोल है चमत्कारिक औषधि

    ईसबगोल की भूसी तथा इसके बीज दोनों ही विभिन्न रोगों में एक प्रभावी औषधि का कार्य करते हैं। इसके बीजों को शीतल जल में भिगोकर उसके अवलेह को छानकर पीने से खूनी बवासीर में लाभ होता है। नाक से खून बहने की स्थिति में ईसबगोल के बीजों को सिरके के साथ पीसकर...

    2018-06-08 07:52:47.0
  • कड़वा करेला देता है बेहतर स्वास्थ्य

    कड़वा करेला देता है बेहतर स्वास्थ्य

    करेले में फास्फोरस, प्रोटीन, कैल्शियम, कार्बोहाईडेट्स और विटामिन्स की भरपूर मात्र रहती है। इसकी तासीर शुष्क एवं ठंडी होती है। यह शीतल, मलभेदक, दस्तवार, हल्का, कड़वा और ज्वरनाशक, भूख बढ़ाने वाला और पित्त, कफ, रक्तविकार, पीलिया, डायबिटीज और मूत्र...

    2018-06-06 08:49:16.0
  • अमृत समान है सेब

    अमृत समान है सेब

    सेब दुनिया भर में व्यापक रूप से उगाया जाने वाला फल है। आयुर्वेद के अनुसार सेब पित्तनाशक, वातनाशक, शीतल, भारी, पुष्टिकारक हृदय के लिए फायदेमंद, वीर्यवर्धक तथा मसाने एवं गुर्दों को साफ करने वाला है। इससे अनेक आयुर्वेदिक दवाइयां बनती हैं। इसमें...

    2018-06-05 09:00:46.0
  • चोकर के उपयोग एवं गुण

    चोकर के उपयोग एवं गुण

    खाद्यान्नों को पिसवाकर प्रायः उन्हें छाना जाता हैं छानने में गेहूं, ज्वार, मक्का आदि अनाज का ऊपरी छिलका छलनी में रह जाता है। गृहिणियां इस छिलके को जिसे बोलचाल की भाषा में चोकर कहते हैं या तो फेंक देती हैं अथवा पशुओं को डाल देती हैं। यदि यह मालूम हो...

    2018-06-02 06:19:07.0
  • रोगों का दुश्मन बेल

    रोगों का दुश्मन बेल

    बेल हमारे देश के श्रेष्ठ फलों में से एक है। बेल का जो सेवन करता है, उसकी उदर व्याधियां दूर भागती हैं। बेल रस में कसैला एवं कड़वा होता है। यह पाचक होने के साथ-साथ बलवर्द्धक भी है। पके बेल का गूदा पचने में भारी, त्रिदोषकारक, दाहकारक, मधुर तथा अग्नि को...

    2018-06-01 07:34:08.0
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