Read latest updates about "Hemorrhoids/बवासीर" - Page 1

  • आयुर्वेद में नीम के प्रयोग

    आयुर्वेद में नीम के प्रयोग

    नीम से सभी परिचित हैं। भारत भर में यह वृक्ष सहज सुलभ है। आयुर्वेद में नीम के प्रयोग प्रचुर मात्र में मिलते हैं। इसका स्वभाव शीत वीर्य, लघुग्राही, पाक में कटु रसयुक्त, जठराग्नि को मंद करने वाली, वात तृषा, खांसी, ज्वर, अरुचि, कृमि, वृण, पित्त, कफ,...

    2019-02-28 07:14:28.0
  • बीमारियों में कारगर है गुणकारी मूली और इसके पत्ते

    बीमारियों में कारगर है गुणकारी मूली और इसके पत्ते

    पूरे साल मिलने वाली मूली हमारे भोजन में तो स्वाद बढ़ाती ही है, अपनी अनेक खूबियों के कारण यह कई बीमारियों में भी बेहद कारगर साबित होती है। सालभर मिलने वाली मूली पौष्टिकता से भी भरपूर होती है। प्रति सौ ग्राम मूली में मिलने वाले पोषक तत्वों में...

    2019-02-20 10:59:20.0
  • स्वास्थ्यवर्धक और बहुपयोगी फल अंजीर

    स्वास्थ्यवर्धक और बहुपयोगी फल अंजीर

    अंजीर एक स्वादिष्ट, स्वास्थ्यवर्धक और बहुपयोगी फल है। इसके पके फल को लोग खाते हैं। सुखाया फल मेवे के रुप में बिकता है। सूखे फल को टुकड़े-टुकड़े करके या पीसकर दूध और चीनी के साथ खाया जाता है। इसका स्वादिष्ट जैम (फल के टुकड़ों का मुरब्बा) भी बनाया...

    2019-02-06 10:41:02.0
  • सुप्त वज्रासन से मोटापा कम करें

    सुप्त वज्रासन से मोटापा कम करें

    सुप्त वज्रासन को करने से पेट की अधिक चर्बी कम होकर मोटापा कम होता है तथा यह कमर को पतली, लचीली, सुंदर व आकर्षक बनाता है। इससे शरीर सुंदर बनता है तथा बुढ़ापा जल्दी नहीं आता है। इससे शरीर में हल्कापन आता हैै।यह आसन वज्रासन का वस्तिृत रूप है। इस आसन को...

    2019-01-28 10:39:17.0
  • पोषक तत्वों से भरपूर पपीता

    पोषक तत्वों से भरपूर पपीता

    पपीता पोषक तत्वों का एक अच्छा और सस्ता स्रोत है, अतः यह सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं वरन् विटामिन एवं खनिज लवणों की प्राप्ती के लिए भी खाया जाता है। पपीते के पौधे के हर भाग को औषधीय महत्व का माना गया है।पपीते का पका हुआ फल भूख बढ़ाने वाला होता है।...

    2019-01-22 10:33:36.0
  • मेहंदी के चिकित्‍सीय उपयोग

    मेहंदी के चिकित्‍सीय उपयोग

    1. मेहंदी के पत्‍तों में ऐसे तत्‍व पाये जाते हैं, जिनसे खाघ पदार्थों को दूषित करने वाले कीटाणु नष्‍ट हो जाते हैं, इसलिये हाथों में मेहंदी लगाने से कुप्रभावयुक्‍त शक्‍ति भोज्‍य पदार्थों पर अपना कोई प्रभाव नहीं डालती है। 2. उच्‍च रक्‍तचाप के रोगियों...

    2019-01-21 12:04:32.0
  • जानें संतरा कितना गुणकारी है हमारे स्वस्थ के लिए

    जानें संतरा कितना गुणकारी है हमारे स्वस्थ के लिए

    संतरा एक स्वास्थ्यवर्धक फल है। इसमें प्रचुर मात्र में विटामिन सी होता है। लोहा और पोटेशियम भी काफी होता है। संतरे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें विद्यमान फ्रूक्टोज, डेक्स्ट्रोज, खनिज एवं विटामिन शरीर में पहुंचते ही ऊर्जा देना प्रारंभ कर देते...

    2019-01-21 09:42:23.0
  • आयुर्वेदिक इलाज के लिए गिलोय बहुत ही लाभदायक

    आयुर्वेदिक इलाज के लिए गिलोय बहुत ही लाभदायक

    गिलोय की पत्तियों और तनों से सत्व निकालकर इस्तेमाल में लाया जाता है। गिलोय को आयुर्वेद में गर्म तासीर का माना जाता है। यह तैलीय होने के साथ साथ स्वाद में कडवा और हल्की झनझनाहट लाने वाला होता है। गिलोय के गुणों की संख्या काफी बड़ी है। इसमें सूजन कम...

    2019-01-17 08:48:30.0
  • सिरके के घरेलू इलाज

    सिरके के घरेलू इलाज

    - किसी ने धतूरा खा लिया हो, तो उसे अंगूर का सिरका दूध में मिलाकर पिलाने से काफी लाभ होता है।- एक प्याले में सेव का सिरका, एक कप शहद और छिले हुए लहसुन की आठ गांठे मिलाओं, इन सबको तेज चलने वाली मिक्सी में डाल कर एक मिनट के लिए चला दो और घोल तैयार...

    2019-01-02 07:04:44.0
  • एलोविरा : गुणों का खजाना, बस एक चम्मच रोजाना

    एलोविरा : गुणों का खजाना, बस एक चम्मच रोजाना

    एलोविरा देखने में यह अवश्य अजीब सा पौधा है लेकिन इसके गुणों का कहीं कोई अंत नहीं है। यह जहां बवासीर, डायबिटीज, गर्भाशय के रोग, पेट की खराबी, जोड़ों का दर्द, त्वचा की खराबी, मुंहासे, रूखी त्वचा, धूप से झुलसी त्वचा, झुर्रियों, चेहरे के दाग-धब्बों,...

    2018-11-22 07:55:41.0
  • बुढापा दूर रखने के उपाय

    बुढापा दूर रखने के उपाय

    आंवलो के मौसम मे नित्य प्रातः काल व्यायाम या वॉक करने के बाद दो पके हुए हरे आंवलो को चबा कर खाने से या आंवलो का रस दो चम्‍मच ओर दो चम्‍मच शहद मिला कर पीए। जब आंवलो का मौसम ना रहे तब सूखे आंवलो को कूट पीस कर कपड़े से छान कर बनाया गया आंवलो का चूर्ण...

    2018-11-22 07:03:06.0
  • पेट के लिए वरदान है इसबगोल

    पेट के लिए वरदान है इसबगोल

    इसबगोल स्वाद में मीठा, ठंडा, पौष्टिक, चिपचिपा और कफ, पित्त को खत्म करने में कारगर साबित होता है। इसबगोल का पौधा होता है, जो मूल रूप से फारस में पाया जाता है। आजकल यह पौधा भारत में भी पाया जाता है। यह पौधा गेहूं के पौधे जैसा दिखाई देता है। इसके पौधे...

    2018-11-21 09:22:45.0
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