ब्रेन स्ट्रोक के बाद डॉक्टर से पूछें ये सवाल

ब्रेन स्ट्रोक के बाद डॉक्टर से पूछें ये सवाल

जीवनशैली में हो रहे तेज बदलाव के चलते ब्रेन स्ट्रोक की समस्या तेजी से बढ़ी है, मगर जानकारी के चलते इसके खतरों से अभी भी अधिकांश लोग अनजान हैं। इंडियन स्ट्रोक एसोसिएशन की एक स्टडी के मुताबिक, दिल्ली के 45 प्रतिशत लोगों को यह भी मालूम नहीं है कि स्ट्रोक होता क्या है? यही वजह है कि इलाज के बेहतर विकल्प उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को समय पर सही उपचार नहीं मिल पाता है। यही नहीं स्ट्रोक होने के बाद भी कुछ ऐसी जरूरी बाते होती हैं जो एक मरीज को डॉक्टर से जरूर पूछनी चाहिए। तो चलिए जानते हैं कि स्ट्रोक और इससे संबंधित जरूरी सवाल क्या हैं।

जानें क्या है स्ट्रोक :

रक्त संचार में किसी प्रकार की रुकावट के कारण मस्तिष्क की कार्यप्रणाली खराब होने लगती है, जिस कारण स्ट्रोक होता है। ऐसा इश्चेमिया (रक्त संचार में कमी) या फिर हैमरेज (रक्तस्राव) के कारण होता है। अक्सर लोगों को स्ट्रोक के बारे में पता ही नहीं होता। जैसे इसके क्या प्रभाव होते हैं, इसके होने पर तुरन्त क्या करना चाहिये और स्ट्रोक के मरीज का इलाज कैसे हो आदि महत्वपूर्ण जानकारियां।

दरअसल मस्तिष्क कोशिकाओं की सुचारू प्रक्रिया बनाए रखने के लिए उनमें रक्त के जरिये ऑक्सीजन तथा अन्य पोषक तत्वों को पहुंचाते रहना जरूरी होता है। और मस्तिष्क में मौजूद इन लाखों कोशिकाओं की जरूरत को पूरा करने के लिए रक्त नलिकाओं के माध्यम से लगातार रक्त प्रवाहित होता रहता है। लेकिन जब यह आपूर्ति बाधित हो जाती है तो इसके परिणामस्वरूप मस्तिष्क आघात होता है और मस्तिष्क की कोशिकाएं मृत होने लगती हैं। यदि आपको या आपके किसी प्रियजन को स्ट्रोक हो चुका है तो उन्हें अपने डॉक्टर से कुछ जरूरी सवाल जरूर पूछने चाहिए। चलिए बात करते हैं स्ट्रोक के बाद डॉक्टर से पूछे जाने वाले ऐसे ही कुछ जरूरी सवालों कीः

वे कौंन से कारक हैं जो स्ट्रोक का नेतृत्व करते हैं ?

आमतौर पर यह मस्तिष्क को ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित होने के कारण होता है, लेकिन डॉक्टर से जरूर पूछें कि स्ट्रोक का कोई और कारण तो नहीं रहा है।

दोबारा स्ट्रोक होने का जोखिम कैसे कम करें ?

जैसा कि अधिकांश लोग जिन्हें स्ट्रोक हुआ हो, को दोबारा स्ट्रोक होने का खतरा बना रहता है। इसलिए डॉक्टर से इस जोखिम को कम करने के संभव उपायों के बारे में जरूर पूछें। जैसे डॉक्टर आपको निम्न चीजों का अनुसरण करने को कह सकता है।

- धूम्रपान न करें।

- अपने रक्तचाप को नियंत्रित रखें।

- आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर की मासिक आधार पर जांच कराएं।

- स्वस्थ वजन बनाए रखें।

- योग व व्यायाम की मदद से तनाव से दूर रहने की कोशिश करें।

कौंन सा विशेषज्ञ और उपचार मदद कर सकता है ?

सामान्यतः डॉक्टर रोगी को न्यूट्रिशनिस्ट (आहार विशेषज्ञ), फिजीकल थेरेपिस्ट (भौतिक चिकित्सक), रिक्रियेश्नल थेरेपिस्ट या ऑक्यूपेश्नल थेरेपिस्ट के पास भेज सकता है, जो रोगी को तेजी से ठीक होने में सहायता करता है। रोगी को डॉक्टर से पूछना चाहिए कि वे आपको किसी पुनर्वास कार्यक्रम में शामिल कर सकते हैं या नहीं।

रोगी के लिए कौंन से स्ट्रोक उपचार विकल्प उपलब्ध हैं?

इसके लिए विभिन्न उपचार विकल्प मौजूद हैं, जैसे एक्यूट इस्कीमिक स्ट्रोक के लिए क्लॉट बस्टर दवाएं, तीव्र रक्तस्रावी (हैमरेजिक) स्ट्रोक के लिए सर्जरी व एंडोवैस्कुलर ट्रीटमेंट व अन्य उपचार जैसे एंजियोप्लास्टी, टिशू प्लाज्मीनोजन एक्टिवेटर, स्टेंट्स तथा एस्पिरीन आदि। आप डॉक्टर से किसी अन्य वैकल्पिक उपचार के बारे में पूछ सकते हैं जैसे योग चिकित्सा या एक्यूपंक्चर, जो आपको जल्दी ठीक होने में मदद करते हैं।

मरीज को किसी प्रकार के डाइट प्लान का पालन करना चाहिए?

हालांकि न्यूट्रिशनिस्ट रोगी के लिए एक डाइट चार्ट तैयार करता है, लेकिन फिर भी उसे निम्न खाद्य पदार्थों को लेने से बचना चाहिए।

- तला हुआ भोजन।

- संतृप्त वसा।

- नमक, मांस और अन्य डेयरी उत्पादों का अधिक सेवन।

क्या स्ट्रोक के बाद व्यायाम फिर से शुरू करना सुरक्षित है ?

व्यायाम कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने, वजन नियंत्रण, उच्च रक्तचाप से निपटने तथा तनाव को कम करने में मदद करता है। आमतौर पर रोगी सफलतापूर्वक अपने पुनर्वास कार्यक्रम को पूरा करने के बाद कसरत शुरू कर सकते हैं, लेकिन आप डॉक्टर से उचित व्यायाम और व्यायाम की अवधि के लिए सलाह कर सकते हैं।


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