फूल गोभी के बेशकीमती लाभ

फूल गोभी के बेशकीमती लाभ

सभी सब्जियो मे गोभी की सब्जी को बहुत पसंद करते है। फूलगोभी की सब्जी खाने में बहुत स्वादिष्ट होती हैं। इसमें फाइबर, विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाया जाता है। फूलगोभी मैंगनीज, तांबा, लोहा, कैल्शियम और पोटेशियम जैसे खनिजों का एक अच्छा स्रोत है। फूलगोभी खाने से कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग, संक्रमण, अधिक वजन, सूजन जैसे कई अन्य बीमारियों को रोकने में मदद करता है। शीत ऋतु में मुख्य रूप से गोभी खाई जाती है, जो अनेक गुणों से भरपूर है। भारत में सब्जी, पराठा, भरवाँ, दुलमा, अचार आदि अनेक व्यंजनों में गोभी का प्रयोग किया जाता है।

– कच्ची फूलगोभी को साफ धोकर चबाने से खून साफ होता है और अनेक चर्मरोगों में आराम मिलता है। लौह तत्वों और प्रोटीन्स के पाए जाने के कारण शारीरिक शक्ति को प्रबल बनाने में भी इसका योगदान होता है।

– गोभी के पत्तों को कुचलकर तैयार किया रस प्रतिदिन पीने से गठिया रोग के निदान में भी लाभकारी होता है। माना जाता है कि कम से कम तीन माह तक अक्सर इस रस का सेवन करते रहने से हर तरह के दर्द की छुट्टी हो जाती है।

कब्ज : रात को सोते समय आधा गिलास गोभी का रस पीने से कब्ज के रोग में लाभ होता है।

- रक्तशोधक (खून को साफ करने वाला) : गोभी में क्षारीय तत्व होते हैं। गोभी में पाया जाने वाला सल्फर और क्लोरीन का मिश्रण म्युकस, मेमरिन तथा आंतों की सफाई करता है।

– पेशाब की जलन होने पर फूलगोभी की सब्जी का सेवन करने से पेशाब की जलन दूर हो जाती है।

शीत ऋतु में मुख्य रूप से गोभी खाई जाती है, जो अनेक गुणों से भरपूर है। गोभी को कच्चा भी खाया जा सकता है।

– फूलगोभी खाने में ठंडी और तर होती है।

– फूलगोभी में थोड़ी सी प्रोटीन , फॉस्फोरस, लौह तत्व, पोटैशियम, गंधक, नियासीन और विटामिन `सी´ आदि तत्व अधिक मात्रा में पाये जाते हैं।

गोभी खाते रहने से चर्म रोग, गैस, नाख़ून और बालों के रोग नष्ट होते हैं।

– कच्ची गोभी, पकी गोभी से ज्यादा सुपाच्य होती है।

– गोभी स्नायु मजबूत करती है ।

– गोभी में गंधक एवं क्लोरीन आंतों के मार्ग साफ करने में उपयोगी हैं, परंतु यह तब ही संभव है जब गोभी या इसके रस को कच्चा लिया जाए।

– पेट अल्सर का रोगी सामान्य भोजन के बाद दिन में तीन बार तीन से छह औसतन जितना गोभी का रस पिएं या चार से पांच बार कच्ची गोभी खाएं तो पेट एवं अल्सर के रोग में फायदा हो सकता है।

– गोभी का रस पीते रहने से आँखों की कमजोरी और पीलिया में लाभ होता है। इसके अत्यधिक प्रयोग से वायु बन सकती है। इससे बचने के लिये इसे बराबर मात्रा में गाजर के साथ खाना चाहिये।

– पेट दर्द होने पर गोभी की जड़, पत्ती, तना फल और फूल को चावल के पानी में पकाकर सुबह-शाम लेने से पेट का दर्द ठीक हो जाता है।

– पीलिया के लिए भी गोभी का रस बहुत फायदेमंद है। गाजर और गोभी का रस मिलाकर पीने से पीलिया ठीक होता है।

– फूल-गोभी की सब्जी बिना तेल या कम-से-कम तेल का छौंक लगाकर बनाकर खाने से ज्वर ठीक हो जाता है।

इसका ज्यादा मात्रा मे प्रयोग नही करना चाहिए क्योंकि इससे ज्यादा खाने से कब्ज आदि जैसी समस्या हो सकती है और किसी चिकित्सक की सलाह भी ले ।


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