पोषक तत्वों से भरपूर पपीता

पोषक तत्वों से भरपूर पपीता

पपीता पोषक तत्वों का एक अच्छा और सस्ता स्रोत है, अतः यह सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं वरन् विटामिन एवं खनिज लवणों की प्राप्ती के लिए भी खाया जाता है। पपीते के पौधे के हर भाग को औषधीय महत्व का माना गया है।

पपीते का पका हुआ फल भूख बढ़ाने वाला होता है। पपीते के बीज कृमिनिसारक के रुप में काम आते हैं। पपीते के कच्चे फलों की सब्जी बनायी जाती है। पपीते के पके फलों का मुरब्बा, जैली, चटनी, सलाद, शर्बत आदि भी बनाया जाता है। पपीता अत्यधिक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी फल है। यह स्वादिष्ट तथा रुचिकर होता है।

पपीता जहां कार्बोहाइड्रेट, खनिज लवणों एवं विटामिनों का अच्छा स्रोत है वहीं इसके कच्चे फलों का दूध विभिÂ प्रकार की दवाओं में औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है। पपीते को यदि उत्तम हेल्थ टॉनिक कहा जाये तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी, इसमें प्रोटीन 0-5, वसा 0-4 प्रतिशत खनिज लवण 0-1 प्रतिशत विटामिन ए 15 प्रतिशत विटामिन सी 16 प्रतिशत के अलावा लोहा तथा तांबा भी काफी मात्र में विद्यमान रहता है। पपीता में पपेन तथा चिम्पोपैपिन नामक एंजाइम होता है। पपेन नामक एंजाइम प्रोटीन को पचाने में सहायक है वहीं चिम्पोपैपिन नामक एंजाइम शरीर में यूरिक एसिड को नियंत्रित रखता है। यूरिक एसिड की अधिकता के कारण ही घुटनों का दर्द, जोड़ों का दर्द और गुर्दे की पथरी होती है। आम के बाद सबसे अधिक विटामिन-ए पपीता में ही पाया जाता है। पपीते में उपस्थित फाइबर और पाचक एंजाइम हमें बड़ी आंत के कैंसर से बचाते हैं। पपीता बड़ी आंत में होने वाले हानिकारक टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालता है, कब्ज दूर करता है और पाचन शक्ति बढ़ाता है। हमारी बड़ी आंत के निचले भाग में करोड़ों हानिकारक जीवाणु होते हैं जो मल में सड़न पैदा करते हैं पपीता इन जीवाणुओं को नष्ट करता है। पपीता हृदय की रक्तवाहिनियों में श्लेष्मा को जमने नहीं देता। इससे खराब कोलेस्ट्रॉल (एल-डी-एल-) का स्तर कम होता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (एच-डी-एल-) का स्तर ऊंचा होता है। हरे एवं कच्चे पपीते के फलों से निकाले गये दूध को सुखाकर बनाये गये पाउडर से पपेन तैयार किया जाता है जिसका उपयोग बहुत-सी बीमारियों के इलाज में दवाई व पाचक टॉनिक के रूप में किया जाता है। पका हुआ पपीता पेट की व्याधियों का उत्तम डॉक्टर है। इस मीठे सुगंधित व सरल फल को अधिकतर ताजा ही खाना चाहिए। वास्तव में यह सस्ता और सदाबहार फल श्रेष्ठ गुणों का भंडार है। प्रस्तुत है पपीता के औषधीय गुणों पर एक नजरः

- पपीता पेट के रोगों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पर्याप्त मात्रा में पपीते का सेवन करने वालों को प्रायः कब्ज का रोग नहीं होता है।

- पपीता गुर्दे को स्वच्छ और क्रियाशील बनाता है जिससे पथरी बनने की संभावना समाप्त हो जाती है।

- इसके सेवन से पित्त का शमन होता है तथा भोजन के प्रति रुचि उत्पन्न होती है।

- गर्मी के दिनों में पपीते का सेवन करने से लू लगने की संभावना नहीं रहती है।

- पपीता खाने से धातु संबंधी विकार एवं वीर्य की कमी दूर होती है।

- यह पाचन शक्ति को सुधारता है तथा पेट के विकारों को दूर करता है।

- पपीते का बीज कृमि निसारक के रूप में काम आते हैं। रात को सोने से पहले एक चम्मच बीज पानी के साथ निगल लेने से दो-तीन दिनों में सभी कीड़े बाहर निकल जाते हैं।


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