खजूर में छिपे सेहत के फ़ायदे

खजूर में छिपे सेहत के फ़ायदे

ठंड के मौसम ने दस्तक दे दी है और खाने-पीने की चीजों के इस मौसम में बहार रहती है। गुड़ को गजक और पिंड खजूर इस मौसम में शौक से खाए जाते हैं।

यदि आपको ऊंचा उठना है, दूसरों की सेवा करना है, परोपकारी बनना है तो खजूर के फल की तरह बनिए। खजूर की तरह शायद ही कोई फल हो जो परोपकारी, बहुउपयोगी हो। यह गरीब का गुड़ और अमीर का मेवा है। नारियल और खजूर ही ऐसे पेड़ हैं, जिन्हें वैज्ञानिकों द्वारा ऑल परपज ट्री कहा जाता है।

इसके फल लाल, भूरे या काले बेलन आकार के होते हैं, जो 6 महीनों में पकते हैं। इसके फल में एक बीज होता है और छिलका गूदेदार होता है। एक पेड़ 50 किलो फल हर मौसम में देता है। इसकी औसत उम्र 50 वर्ष आँकी गई है। ठंड के दिनों में खाया जाने वाला यह फल बहुत पौष्टिक होता है। इसमें 75 से 80 प्रतिशत ग्लूकोज होता है। सूखे पिंड खजूर को खारक कहते हैं, जो अकसर सभी के घरों में मिल जाता है। इसकी पत्तियां काफी उपयोगी होती हैं। इससे टोकरियां रस्सियां, चटाइयां, पंखे आदि बनाए जाते हैं। पत्तियों के डंठल से छड़ी बनाई जाती है। बीज पीसकर ऊंटों, भेड़ो और घोड़ो को खिलाए जाते हैं। इसके लंबे और मोटे बेलनाकार तनों से पुल और पानी की नलियां बनाई जाती है। इसके लगभग 800 उपयोग गिनाए गए हैं। सर्दियों में सेहत बनाने के लिए इससे बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ता है। रंग साफ करता है। दिल को मजबूत बनाता है।


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